स्वप्नदोष को कैसे रोके – How to stop nightfall?

 

स्वप्नदोष को कैसे रोके

स्वप्नदोष को कैसे रोके? – स्वप्नदोष / नाइट फॉल (Nightfall) जिसके कारण आज का युवक बहुत कष्ट में है परेशान है और वह स्वयं को जीवित ही मृत मानने लगता है। अनुभवशून्य एवं अयोग्य चिकित्सकों द्वारा चिकित्सा को धन उत्पन्न करने की खान समझने वाले चिकित्सकों ने इस रोग की भयंकरता के जो चित्र खींचें है.

उसके कारण ही यह परेशानी आज के युवक को हो रही है अन्यथा कोई भी रोग अपने आप में इतना भयंकर नहीं होता। वास्तव में अविवाहित और अधिक आयु के व्यक्ति को एक मास में दो-तीन बार स्वप्नदोष हो भी जाए तो उसे किसी प्रकार भी नुकसानदेह नहीं मानना चाहिए, आईये जानते है स्वप्नदोष को कैसे रोके?

स्वप्नदोष क्या होता है? – What is Nightfall in Hindi

स्वप्नदोष का वास्तविक परिचय यही है कि दिन अथवा रात्रि के समय जब व्यक्ति सोया हुआ होता है, उसके सपने में कोई युवती अथवा महिला दिखाई देती है। उस काल्पनिक नारी के साथ मनुष्य स्वप्न में मनोरंजन अथवा सम्भोग करने लगता है। उस अवस्था में उसका वीर्य स्खलित हो जाता है, यही इस रोग का परिचय है, कामुक दृश्यों, सिनेमा देखने या अश्लील किताबों को पढ़ने से कामुक भावनाएं मन में बैठ जाती हैं। जो स्वप्न में आती हैं। इसी कारण वीर्य स्खलित हो जाता हैं।Read more…

स्वप्नदोष क्यों होता है? – Nightfall kyu hota hai

कुसंगति अर्थात् ऐसी संगति जिसमें निरन्तर विषय-भोग अथवा उससे संबंधित चर्चा होती हो इस रोग को जन्म देने में मदद करती है । कभी-कभी मनुष्य अकेला भी इसी प्रकार की बातों के बारे में लगातार सोचता रहता है । कामोत्तेजक विचारों के विषय में बार-बार सोचना, मानसिक दुर्व्यसनों में प्रवृत्त रहना, अनैसर्गिक उपायों से मैथुन करना, हस्त-मैथुन करना, गुदा-मैथुन करना, अत्यधिक मैथुन करना, पेट में काज होना, उष्ण प्रकृति के पदार्थों का अधिक सेवन करना, उत्तेजक वातावरण में रहना, चलचित्रों का अधिक देखना, अधिक चिंता करना अधिक शोक में रहना, अधिक मानसिक कार्य में प्रवृत्त रहना, अत्यधिक परिश्रम करना, अधिक मद्यपान मांस और मादक द्रव्यों का सेवन करना आदि इसके प्रमुख कारण होते है ।

स्वप्नदोष के लक्षण – Symptoms of nightfall

शरीर का दुर्बल होना (यह स्थिति स्वप्नदोष की अधिकता होने पर होती है) व्यक्ति के मुख की चमक और सौंदर्य का लुप्त हो जाना, मन का दुर्बल हो जाना, मस्तिष्क का दुर्बल हो जाना आंखों का भीतर धंस जाना दृष्टि दुर्बलता, सिर में पीड़ा का रहना, कायरता की प्रवृत्ति होना, तनिक से परिश्रम से ही थकावट का अनुभव करना, शरीर में अनेक प्रकार के रोग होना सिर का भारीपन, कब्ज रहना, शीघ्र-पतन, मूत्र के साथ वीर्य का निकलना, समय कुसमय पर नींद का आना, शरीर टूटना, किसी भी कार्य में अरुचि होना, चिड़चिड़ापन आदि स्वप्नदोष के प्रमुख लक्षण हैं ।

स्वप्नदोष के नुकसान – नाईट फॉल के नुकसान

स्वप्नदोष ही क्या, कोई भी रोग, यदि उसकी समय पर चिकित्सा न की जाए तो उसके परिणाम भयंकर होते हैं। यह बात स्वप्नदोष के बारे में भी है । स्वप्नदोष की यथासमय चिकित्सा न किए जाने से शरीर में अनेक रोग घर कर लेते हैं । सबसे पहले कब्ज होता है । उसी के साथ-साथ शीघ्रपतन अथवा प्रमेह आरंभ हो जाता है। इतना ही नहीं कालांतर में इस साधारण किन्तु स्वाभाविक रोग के कारण मनुष्य ‘राज्यक्ष्मा’ जैसे भयंकर रोग का शिकार भी हो जाता है ।

स्वप्नदोष को कैसे रोके घरेलू उपाय – How to stop nightfall in Hindi

स्वप्नदोष की चिकित्सा के लिए आवश्यक है कि रोगी को मन से स्वस्थ रहना होगा। उसके मानसिक विचार दूषित नहीं रहने चाहिए। यदि विचार दूषित रहेंगे तो चिकित्सा का प्रभाव बहुत कम होगा, भले ही उसको उत्तमोत्तम औषधियों का सेवन क्यों न कराया जाए। अतः स्वप्नदोष के रोगी को चाहिए कि चिकित्सा के अवसर, पर वह अपना मन स्वच्छ रखे । इसके लिए उसको यथाशक्ति प्रयत्न करना चाहिए। स्वप्नदोष शारीरिक रोग कम और मानसिक रोग अधिक है । अतः इससे बचने के लिए मन को सदा शांत बनाए रखना चाहिए। मन कभी भी विकृत एवं दूषित न होने पाए।

स्वप्नदोष का इलाज इन हिंदी

  1. रोज सुबह उठकर कुल्ला करने के बाद एक गिलास ठंडा पानी पीने से यह दूर हो जाता है । गर्म तासीर वाले युवकों को नियमित रूप से यह नियम बांध लेना चाहिए।
  2. सूखा धनिया पीसकर उसमें बराबर मात्रा में चीनी मिलाकर तेज सुबह ठंडे पानी के साथ 3-3 माशा खाया करे। इससे स्वप्नदोष की शिकायत दूर हो जाएगी।
  3. मोचरस, कमरकस, खसखस तथा मखाने 10-10 ग्राम लें। अजवाइन 6 ग्राम लें।
  4. शीतल चीनी (मिश्री) 3-4 ग्राम एक पाव दूब के साथ तेज पीकर सोएं।
  5. प्रातःकाल शहद के साथ केला खाने से स्वप्नदोष में आराम मिलता हैं।
  6. गुलकंद को गाय के दूध में मिलाकर पीने से स्वप्न दोष दूर होता हैं।
  7. प्रातःकाल आँवले का चूर्ण और मिश्री बराबर मात्रा में मिलाकर लेने से स्वप्नदोष ठीक होता हैं।
  8. विषय वासना, व हस्तमैथून से दूर रहें, सदा प्रसन्ना रहें तथा अच्छी संगत में रहें।
  9. योग और व्यायाम करें। अवश्य लाभ होगा।